हमारा "मेरिडियन ओफ़ होप " फ़ांड और "सीम्बल्स ओफ़ स्पीरिट " ("सोस ") कम्पनी आपको आध्यात्मिकता के मूल स्रोत तक पहुँचा देने को तैयार हैं |
इसके लिए हम आपकी किसी भी भेजी हुई चीज़ (पत्र, दुआ-पत्र, फ़ोटो, वि एच एस, प्रतिमा, अलंकार, किताब वगैरह) का होली सेपल्चरे के गिरजा घर में आशीष करवा सकते हैं, आपकी कमनाओं वाला पत्र विलाप की दीवार पर लगवा सकते हैं, और (या) आपका पत्र, फ़ोटो या दुआ-पत्र "अस-सलात " ("नमाज़ ") के समय अल-अक़्सा मसजिद में रखवा सकते हैं जिससे हमारे दिल एक दूसरे तथा भगवान के ज़्यादा निकटवर्ती हो जाएँ |
फ़ाण्ड के स्थापक, जिनमें अधिकाँश लोग डाक्टर हैं, अच्छी-सी तरह समझते हैं कि मानव शरीर कितना कमज़ोर है, इसमें कितनी कमियाँ हैं, जबकि आत्मा ज़्यादा मजबूत और अटूट होता है | इतिहास से हमें इस बात का पता लग जाता है कै कभी कभी आदमी को ऐसी बिमारी से भी छुटकारा मिल सकता है जिसका इलाज आधुनिक विज्ञान की दृष्टि से किसी तरह नहीं समझाया जा सकता है | ये लोग भगवान की दया माँगते थे और उनको अपने ही विश्वास से वह शक्ति मिल जाती थी, जो बिमारी के सामने झुकने न देते हुए इसपर विजय पाने में सहायता कर देती थी | हमारा मानना है कि यरूशलेम के पवित्र स्थान, जिनमें सदियों पुराना ज्ञान और कई पीढ़ियों की संस्कृति सुरक्षित बनी रखी है, सभी लोगों को मानसिक सन्तुलन प्रदान कर सकें; वहाँ जाकर इस बात का अनुभव ज़्यादा स्पष्ट हो सकता है कि आदमी इस असीम विश्व का एक अविच्छेद्य कण है और इसका बल इस विश्व और इसके स्रष्टा के साथ एक हो जाने तथा सामंजस्य से रह जाने की क्षमता में ही है | होली लेण्ड का हमारी निशानियों पर जो प्रभाव पड़ता है, जैसा कि होली सेपल्चरे के गिरजा घर में उनका आशीष करवाने से, विलाप की दीवार के पत्थरों के मध्यम से भगवान को कोई संदेश देने से, या अस सलात ("नमाज़ ") के दौरान अल-अक़्सा मसजिद में कोई किसी के लिए महत्वपूर्ण चीज़ रख देने से होता है, वह प्रभु से हमारे ऐक्य का प्रमाण है तथा वही प्रभाव मानव के अध्यात्मिक और शारिरिक पुनर्जागरण के काम आता है |
"आध्यात्मिक स्वास्थ्य से शारिरिक स्वास्थ्य तक " | यह हमारे "मेरीडियन ओफ़ होप " फ़ांड का आदर्श वाक्य है | फ़ांड की गतिविधि का उद्देश्य यह है कि अलग - अलग सम्प्रदाय मिलकर एक काम कर सकें, इनके बीच आपसी समझ स्थापित हो पाए | हम चाहें कि तीन महाधर्मों के सभी उपासकों को अपने अपने धर्म के स्रोत तक पहुँचने में मदद मिले और जिसको कोई पवित्र निशानी चाहिये हो, उसे मिल जाय | हमारे अन्य उद्देश्य इस प्रकार हैं - बेघर लोगों के लिए सेवासदनों का प्रबन्ध करना, गरीबों के लिए मुफ़्त भोजनालयों का प्रबन्ध करना, अतंकवादी कर्रवाहियों तथा महा विपदों से पीड़ित लोगों की मदद करना, समाज का आध्यत्मिक पालपोस करना, स्वस्थ जीवन का प्रचार करना वगैरह (फ़ांड का पन्ना देखें) | हमारे यहाँ अन्य सम्प्रदायों के इन लोगों का स्वागत भी है, जो हमारे किये जानेवाले सहयोग और परोपकार में अपना योगदान करना चाहें, जो दुखित और निर्धन लोगों की मदद करना चाहें |
हामारी सेवाएँ
करोडों ईसाइयों के लिए यरूशलेम में स्थित होली सेपल्चरे का गिरजा घर सबसे पवित्र स्थान है | होली सेपल्चरे के गिरजा घर का पिठिया और वह स्टोन ओफ़ अंकशन जिस पर क्रूस से उतार लेने के बाद प्रभु मसीह का शरीर रखा गया था, ये दोनों स्थान सारी दुनिया के ईसाइयों के लिए पवित्रतम हैं, और वहाँ किसी पुजारी के बिना आशीष प्रदान करने का संस्कार पूरा किया जा सकता है |
यदि आप होली सेपल्चरे के गिरजा घर में किसी चीज़ (पत्र, दुआ-पत्र, फ़ोटो, वी एच एस, प्रतिमा, अलंकार, किताब वगैरह) का आशीष करवाना चाहें, तो उसे आप हमें डाक से भेज दें (पोस्ट बोक़्स P.O. Box 15671, Rishon Le Zion, 75297, Israel) या church@sos-hope.com |
फ़ांड "मेरीडियन ओफ़ होप " का प्रतिनिधि आप की किसी भी चीज़ का आशीष करवाने में मदद करेगा और सोस के कर्मचारी आशीष करने की प्रक्रिया की विडियो रेकोर्डिँग करेंगे और वह चीज़ आपको वापस भेज देंगे |
विलाप की दीवार "भगवान का पोस्ट बोक़्स " कहलाती है | हमारा "मेरिडियन ओफ़ होप " फ़ांड आपका पत्र विलाप की दीवार के पिठियों के बीच रखवाएगा | अपना पत्र आप हमें डाक से भेज सकते हैं, या फिर ई-मेल पर, या wall@sos-hope.com फैक़्स पर |
अल-अक़्सा मसजिद उसी ज़माने से पवित्र माना जाता है, जब पहला क़िबला होने के नाते उसी की ओर मुख किये मुसलमानी लोग १७ महीनों तक नमाज़ किया करते थे और वह तीसरा पवित्र मसजिद बन गया था |
अपना पत्र डाक से भेजें, ई-मेल पर, या mosque@sos-hope.com फैक़्स पर, तथा हमारे फ़ांड का प्रतिनिधि उसे "आस सलात " ("नमाज़ ") के समय अल-अक़्सा मसजिद में रख देगा |
हर एक सेवा उसी धर्म के उपासक करते हैं, जिस के मानने वाले के लिए वह सेवा की जाती है | अगर आप मानसिक संकट में हैं, किसी रोग से पीड़ित हैं, उदास हैं, आपका कोई अपना आदमी बीमार हो गया है; अचके से आप के घर में कुछ गड़बड़ हो गया है, और आप इस समय होली लेण्ड का प्रतीक खरीद लेने में असमर्थ हैं, तो आप हमें अपने बारे में लिख दें, अपना पता बता दें और हम आप को आप के धर्मनुसार कोई होली सीम्बल मुफ़्त में भेज देने की हर कोशिश करेंगे |
हमारी फ़ीस
- सेवा मुफ़्त में की जाती है अगर आप चाहते हैं कि आपका नाम दूसरों के साथ एक कैप्सुल में रखा जाय और होली सेपल्चरे के गिरजा घर में उसका आशीष किया जाय, या वह विलाप की दीवार पर रखा जाय, या उसपर अल-अक़्सा मसजिद में "अस-सलात " ("नमाज़ " ) पढ़ा जाय;
- 5 $ की फ़ीस है अगर आप चाहते हैं कि आपकी भेजी हुई चीज़ या पत्र का होली सेपल्चरे के गिरजा घर में आशीष किया जाय, या आपका पत्र विलाप की दीवार पर रखा जाय, या आपका पत्र, फ़ोटो या दुआ-पत्र "अस-सलात " ("नमाज़ " ) के समय अल-अक़्सा मसजिद में रखा जाय;
- 15 $ की फ़ीस है अगर आप चाहते हैं कि आपके हमारी दुकान में खरीदे हुए उपहार के होली सेपल्चरे के गिरजा घर में हुए आशीष-संस्कार का फ़ोटो आपको ई-मेल से भेजा जाय;
- 24 $ की फ़ीस है अगर आप चाहते हैं कि आपके भेजे हुए पत्र, फ़ोटो, दुआ-पत्र या किसी दूसरी चीज़ के होली सेपल्चरे के गिरजा घर में हुए आशीष-संस्कार का फ़ोटो आपको ई-मेल से भेजा जाय;
- 31 $ की फ़ीस + डाक की फ़ीस ( आप की मरज़ी) अगर आप चाहते हैं कि हमारी दुकान में आपके खरीदे हुए उपहार केहोली सेपल्चरे के गिरजा घर में हुए आशीष-संस्कार की विडियो रेकोर्डिंग आपको भेजा जाय;
- 49 $ की फ़ीस + डाक की फ़ीस ( आप की मरज़ी), अगर आप चाहते हैं कि जिस पत्र, फ़ोटो, दुआ-पत्र या अन्य चीज़ को आपने हमें भेजा था और जिस का होली सेपल्चरे के गिरजा घर में आशीष किया गया था, वह आपको वापस रेजिस्टर्ड पत्र में भेजा जाय तथा उसके साथ आशीष-संस्कार की विडियो रेकोर्डिंग वाली सी डी भी आपको भेजी जाय |
निर्दिष्ट रक़म केश में अपने पत्र के साथ पर्सल में हमारे एड्रेस पर भेजकर, हमारी ....... एकाउंट पर मनिओडर करके मनिओडर का रसीद हमें भेजकर या क्रेडिट कार्ड के ज़रिये हमारे वेब-सैट पर सीधे पेमेंट करके आप हमारी सेवाओं की फ़ीस का भुगतान कर सकते हैं |
आपकी फ़रमाइश १ महीने के भीतर पूरी की जाएगी (पूरा करने की अवधि आप के चुने गये सुपुर्दगी के तरीके पर निर्भर होगी) |
विलाप की दीवार पर पत्र रखने और होली सेपल्चरे के गिरजा घर में आपकी वस्तुओं का आशीष करने की प्रक्रिया की रेकोर्डिंग आप हमारे विदियो परिशिष्ट में देख सकते हैं |
कम्पनी सोस यह वादा करती है कि हर एक ग्राहक से कमाए गये रक़म से कुछ पैसे लेकर वह यह पैसे फ़ांड के एकाउंट पर भेज देगी | इस प्रकार जो कोई कम्पनी की सेवाओं के लिए पैसे देगा, वह फ़ांड का सहयोगी बन जाएगा और उसके पैसे धर्म-सहयोग और गरीबों की सहायता के शुभ कार्य में लग जाएँगे |
हमारे फ़ांड और कम्पनी अपने ऊपर ली गयी ज़िम्मेदारियों का रहस्य कभी न खोल देंगे |
की वोर्ड्स